:- प्रारम्भ क्यों? :-
कल 21 जून 2019 को योग दिवस है।योग एक क्रिया है जो हमारे इतिहास,पुराणों और ग्रंथो में इसका जिक्र है।पुराणों के अनुसार योग का अर्थ होता है-जोड़ना। यानी हमारे सरीर के द्वारा विभिन्न क्रियाये करवाकर उसे स्वस्त रखना है।:- भारत मे प्रारम्भ :-
यो देखा जाए तो हमारे वेदों और पुराणों के अध्धयन से ये साफ होता है कि भारत मे योग प्राचीन काल से होता है और हमारे ऋषि मुनि विभिन्न योग क्रियाए करके स्वस्त रहते थे, और प्राचीन काल मे ये बहुत प्रचलित शारीरिक क्रिया थी।परंतु आधुनिक काल मे ये लोगो के लाइफ स्टाइल से निकलती चली गयी और इसकी जगह फैशन ने ले ली।
लोगो की बदलती लाइफ स्टाइल में बदलाव के कारण लोग अस्वस्थ रहने लगे तो हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी "श्री नरेन्द्र मोदी"ने
21 जून 2015 को योग करके लोगो को स्वस्थ रहने को प्ररित किया, और टैब से प्रधानमंत्री हर साल 21 जून को योग करते है और भारत की प्रजा को स्वस्ठ रहने के लिए प्ररित करते है।
:- योग क्यों आवस्यक है :-
आज के इस बदलते लाइफ स्टायल में गलत खानपान ,अवैवस्थित रूटीन और जंग फ़ूड के कारण लोगो मे आंतरिक बीमारी में बढ़ोतरी हो गयी है। आर आज के इस प्रदूषित वातावरण के कारण बीमारिया बाद रही है ,लोगो का प्रकर्ति से दूर होकर विकाश करना उनके सेहत के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।
आज लोगो के लिए इस वातावरण में स्वस्थ रहना एक चुनोती है परंतु हमारे ग्रन्थों में इस बीमारी का इलाज है-योग।
इस कारण भारत मे योग की ज़रूरत महसूस हुई और इसके लिए प्रत्येक वर्ष 21जून को योग दिवस विश्व स्तर पर मनाया जाता है।
:- योग के लाभ ;-
मैंने आपको पहले ही बता दिया कि योग की ज़रूरत किस कारण होती है।आज के इस बाघ दौड़ भरे जीवन मे वयक्ति बहुत जल्दी थक जाता है और इस कारण उनमे तनाव के कारण सरीर को हानि होती रहती है पहला कारण तो ये रहा और दूसरा मुख्य कारण है कि मानव के जीवन मे जैसे जैसे तकनीक में बढ़ोतरी होती गई वैसे वैसे मानव अपने हर छोटे छोटे काम के लिए तकनीक का सहारा लेता रहता है इस कारण उसके सरीर के अंगों के कार्य मे वैवधान उत्पन्न हो जानी वह अंग बेकार हो जाता है और इस कारण हमारा मस्तिष्क प्रभवित होता है और हमे तलवे महसूस होता है , तो योग इस तनाव को कम कर मस्तिष्क को संत करता है।
:- योग के और निम्न लाभ है :-
1.यह तनाव को कम करता है।
2. यह सरीर में तनाव को बढ़ाने वाले कार्टिसोल नामक हार्मोन के स्त्राव को नियंत्रित करता है।
3. योग की विभिन्न क्रियाओ के कारण हमारे सरीर में रक्त संचार बहुत सीघ्र होता है और उस कारण हम ताजा महसूस करते है।
4. योग कि बिभिन्नं क्रियाओ के कारण हमारे ह्रदय को ऑक्सिजन ज्यादा मात्रा में मिलता है ,
जिससे हमारा परिसंचरण तंत्र दुरुस्त होता है
5. योग से हार्ट अटेक का खतरा बिल्कुल कम हो जाता है।
6. योग कई बीमारियों में रामबाण दवा है जैसे- स्वास,ब्लड प्रेससर ,शुगर ,चर्बी होना । जैसी बिमारिओ में कारगर है।
तो दोस्तो योग के इतने लाभ है उन्हें मैं पूरे नही गिना सकता । अतः गाइस काल मिलके हम योग करेंगे और दूसरों को भी स्वस्थ होना का योगनुस्का बताएंगे। और इसी प्रकार हमारा भारत स्वस्थ होकर विश्व के और देशो को योग का संदेश देकर हम " वशुदेव कुटुंभकम " की अवधारणा को साकार करेंगे।
तो मेरी तरफ से एक सलोक आपके लिये
' सर्वे भवन्तु सुखिनः ,सर्वे संतु निरामय।। '
दोस्तो आज का मेरा लेख कैसा लगा कमेंट करके ज़रूर बताये।मुझे इससे मोटिवेशन मिलता है।
So thanks for see my artical.
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